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Monday, November 21, 2011

सिर्फ़ तुम्हारे लिए


मैने कभी ये नहीं सोचा कि जिन्दगी कभी ऐसी हो जाती है किसी के बिना,
मेरा मतलब ये नहीं कि मैं तुम्हारे बिना बहुत खुश हूँ.
और ये भी नहीं कि बहुत दुखी हूँ.
तुम्हारे साथ होने य ना होने का मुझे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है.
मेरी जिन्दगी में तुम्हारा आना या जाना, शायद कोई इत्फ़ाक हो पर मैं हमेशा तुम्हें याद करता हूँ एक अच्छे दोस्त के रुप में एक हमसफ़र के रूप में, हाँ ये बात और है कि मैंने तुम्हें बीच मझदार में शायद छोड़ दिया.
पर मैं कितना सही हूँ कि कितना गलत हूँ मै नहीं जानता हूँ , बस इतना जरुर कह सकता हूँ कि प्यार यदि इस दुनिया मे होता होगा तो शायद कुछ इसी तरह का होता होगा. मै उन पलों नहीं भूल सकता हूँ  जो तुम्हारे साथ गुजारा हूँ. जिन्दगी में  पहली बार किसी के लिये कुछ करना किसी के लिये रोना, हँसना इतना अच्छा लगा.
मैं नहीं जानता कि तुम्हारे बिना क्या होगा मेरा. मैं ये भी नहीं जानता कि तुम मुझसे प्यार करती थी या नहीं.
शायद हाँ भी हो सकता है और न भी. मैनें शायद तुमसे बहुत सारे झूठ बोले होंगे पर हर वो झूठ तुम्हे प्यार करने के लिये ही था..

Thursday, July 29, 2010

कुछ इस तरह


सोचता हूँ जिन्दगी जी लूँ कुछ इस तरह,
कि हर एक दिन लगे कि जी रहा हूँ जिन्दगी कुछ इस तरह,
कि कोइ मिल जाये कुछ इस तरह,
जिसे अपना बना लूँ कुछ इस तरह,
सपनें सजा लूँ कुछ इस तरह,
जिसके लिये खो दूँ मैं सबकुछ कुछ इस तरह,
रो दूँ हर एक आँसू कुछ इस तरह,

पर कोई मिलती नहीं है कुछ इस तरह,
जो मुस्कुराये बस मेरे पास होने से कुछ इस तरह,
कि सारी दुनिया हूँ मैं उसके लिये कुछ इस तरह.

Tuesday, July 20, 2010

हमारा दुर्भाग्य क्या है?

हमारा दुर्भाग्य क्या है?
हम जिन्हें पैरों में पहनते है,
वो शोरुम मे रखे जाते हैं.
और हम जो खातें हैं वो सड़कों पर बिकती है.
हमारे माता पिता को को उनके बच्चों को ये दिखाना पढ़ता है
कि वो उन्हें कितना चाहते हैं.

Tuesday, May 4, 2010

तो मैं गलत हूँ

ना मैं गलत था,
ना तुम गलत थी.
ना मेरी मजबूरी थी,
ना तुम्हारी मजबूरी थी.
मैं भी अपने होश में था,
और तुम भी अपने होश में थी.
मैं भी सब कुछ देख रहा था,
तुम भी सब कुछ देख रही थी.
मै भी सब कुछ कर रहा था , 
तुम भी सब कुछ कर रही थी.
फिर मै ही क्यों गलत था?
हाँ, यदि प्यार करना गलत है,
तो मैं गलत हुँ.
और यदि किसी के लिये,
जीना-मरना गलत है,
तो मैं गलत हूँ.

Friday, April 30, 2010

दोस्त! आप बहुत जरुरी हैं,

दोस्त! आप बहुत जरुरी हैं,
बिना आपके ये जिन्दगी अधुरी है,
पर क्या करें ?
दिल की कुछ मजबूरी थी.

जो आता है बक देता हुँ
तुमपे इतना हक देता हूं,
अपने हो इसी लिये तो,
दिल की बातें रख देता हूँ.

अभी दिमाग की लाचारी है,
दिल भी शाला व्याभिचारी है.
दोस्ती कुछ पल की बात नही होती,
चन्द पल की मुलाकात में नहीं होती.
पर अब मुझे माफ़ कर देना,
और गंगा जल से,
मेरे पापों को साफ़ कर देना.
य़किन है दोस्त कि तुम माफ़ कर दोगे,
फिर से मुझसे दोस्ती करने का पाप कर दोगे.


Plz maaf kar do.






Tuesday, April 27, 2010

प्यार बढा हसीन होता है.

 कहते है लोग कि
प्यार बढा हसीन होता है,
अपने लिये नहीं गैरो के लिये
भी रोता है
कभी कोई किसी की बाँहों में सोता है
सोचो तो वो कोई अपना होता है,
नही न! तो फिर प्यार कैसे नहीं होता है.
होता है करके देखो, मैने तो बहुत किया है,
पर अफ़सोस कि तुम इसे समझ न पायी.

Monday, April 12, 2010

काश तुम मेरे प्यार को कभी समझ पाओ.

मैंने कभी नही चाहा था,
प्यार को ऐसे निभाना.
मैंने कभी नही चाहा था,
तुम पे हक जमाना.
पर क्या हुआ था मुझे,
तुम्हारा प्यार था जो मुझसे
ऐसा करवाया,
या मेरी वासना थी ,
जो बाहर निकलके आया.
हाँ तुम  भी  तो मौजूद थी,
फिर क्यों इतने करीब थी.
मैं बस तुम्हे मुस्कुराता,
देखना चहाता था.
पर क्या हो गया था मुझे,
इसका गम नहीं,
तुमने भी तो साथ दिया था ,
क्या ये कम नहीं.
दुख इस बात का नहीं ,
कि मैंने तुमसे प्यार किया.
दुख इस बात का है तुमने,
तुमने प्यार को क्या कह दिया.
अपनी जरुरत, मेरी भूख.
काश तुम मेरे प्यार को,
कभी समझ पाओ.